वायरल छत्तीसगढ़ न्यूज़ से शुभम शर्मा की रिपोर्ट
अभी भी उपार्जन केंद्रों में 1.40 लाख क्विंटल धान बाकी, कई सोसाइटी धान केंद्रों में चल रहा है खेल बाहर से लाकर धान किया जा रहा है डंप
सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने इस साल बोगस खरीदी में रायगढ़ को भी पीछे छोड़ दिया है। करीब 50 केंद्रों में 1.40 लाख क्विंटल धान बाकी है। इसमें से 80 हजार क्विं. की बोगस खरीदी हुई है। केंद्रों में धान नहीं है लेकिन ऑनलाइन धान दिखा रहा है। इस बार भी पुरानी दागी समितियों में ही कमाल हुआ है। धान उठाव के मामले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला रायगढ़ से पिछड़ गया है। इसकी वजह वहां के केंद्रों में बोगस खरीदी ही है। पुराना धान रिसायकल होने ेकी वजह से भी मिलर्स खराब धान की शिकायत कर रहे हैं। कई केंद्रों में धान नहीं है लेकिन डीओ काटे जा चुके हैं। उठाव के लिए मिलर्स पर दबाव डाला जा रहा है।
खरीदी में गड़बड़ी उन्हीं केंद्रों में हुई है जहां पिछले कई सालों से घपला हो रहा है। सारंगढ़ और बरमकेला के केंद्रों में ही ज्यादा कमी पाई गई है। कपरतुंगा, भेडवन, जशपुर, करनपाली, कनकबीरा, बाहराबहाल, नौरंगपुर, कोसीर, लोधिया, साल्हेओना, लेंध्रा, बड़े नवापारा, भडि़सार, कंठीपाली, बरदुला, सहसपानी, सालर, कुम्हारी, खर्री बड़े, रक्सा, गाताडीह, बुदेली, अमझर, सरसींवा, सहसपुर, कोसीर छोटे, हरदी, उलखर और गोबरसिंहा में सबसे ज्यादा कमी है।
धान नहीं है लेकिन उठाव का दबाव
कुम्हारी और हरदी केंद्रों में धान है ही नहीं लेकिन उठाव के लिए डीओ काटे गए हैं। इसलिए यहां धान बाहर से लाकर डंप किया जा रहा है। जांच में यहां धान का स्टॉक शून्य होने की रिपोर्ट पहले ही दी जा चुकी है। प्रबंधकों ने बोगस खरीदी की है जिस पर कार्रवाई होनी थी लेकिन अभी तक सांठगांठ जारी है। बताया जा रहा है कि इस बार सारंगढ़ जिले में समिति प्रबंधकों से सीधे डील की जा रही है। धान की बोगस खरीदी के प्रकरण दबाए जा रहे हैं।
